गुरुवार, 18 अगस्त 2011

भ्रष्टाचार ख़त्म हो अड़ा है आदमी

सत्ता की जिद्द से
लड़ा है आदमी
जीत के मुहाने पर
खड़ा है आदमी

यह देश आज मांगता है
आपसे समर्थन
देखो नया इतिहास
गढ़ा है आदमी

यह जता दिया है
अन्ना के अनसन नें
सांसद, सरकार से
बड़ा है आदमी

जनता की जीत हो
इस जनांदोलन में
स्वेक्षा से कूद
पड़ा है आदमी

चाहे इंडिया गेट हो या
हो तिहाड़ जेल
अहिंसा का पाठ
पढ़ा है आदमी

शहर-२ से कर रहा है
दिल्ली को कूच
तिरंगा लहराकर
बढ़ा है आदमी

युवा चल दिया है आज
बापू की राह
भ्रष्टाचार खत्म हो
अड़ा है आदमी

5 टिप्‍पणियां:

nitin mohite ने कहा…

current affairs par acchhi kavita very good keep it up

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़िया..समसमायिक!!

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

Bhushan ने कहा…

आज के हालात पर सुदंर रचना और अभिव्यक्ति.

S.M.HABIB ने कहा…

युवा चल दिया है आज
बापू की राह.....

बस! अब सूर्योदय के पहले ये कदम ना थामें...
समय को खूबसूरती से भावों में उकेरा है राजेश जी आपने...
सादर बधाई व शुभकामनाएं....